विरूपाक्ष मंदिर, हंपी, कर्नाटक, भारत, एक प्रमुख हिन्दू मंदिर है जो विष्णु के अवतार, विरूपाक्ष (शिव) को समर्पित है। यहां इसका इतिहास है:
1. **स्थापना और विकास:** विरूपाक्ष मंदिर की नींवें 7वीं सदी में विक्रमादित्य द्वारा रखी गई थी। मंदिर ने भारतीय स्थापत्यकला के अद्वितीय उदाहरणों में से एक के रूप में अपनी पहचान बनाई है।
2. **कला और स्थापत्य:** यह ड्रविड़ शैली में बना है और मंदिर की शैली में विभिन्न कला और स्थापत्य शैलियाँ मिलती हैं, जिससे यह एक अद्वितीय सांस्कृतिक एवं कला स्थल बना है।
3. **विरूपाक्ष मूर्ति:** मंदिर में विरूपाक्ष शिव की मूर्ति है, जो श्रीलिंग रूप में स्थित है और यह मूर्ति स्थल को बहुत अद्वितीय बनाती है।
4. **विभिन्न उत्सव:** मंदिर में विभिन्न हिन्दू उत्सवों का आयोजन होता है, जो स्थानीय और बाह्य पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।
5. **हंपी भगवान्धरा:** विरूपाक्ष मंदिर हंपी की भगवान्धरा का हिस्सा है जो विश्व धरोहर स्थल के रूप में यूनेस्को द्वारा मान्यता प्राप्त कर चुका है।
विरूपाक्ष मंदिर भारतीय सांस्कृतिक और कला के अद्वितीय प्रतीक है, जो इसे एक प्रमुख धार्मिक स्थल बनाता है और यहां के आकर्षणों में से एक है।

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