बद्रीनाथ धाम, जो कि हिमाचल प्रदेश में स्थित है, हिन्दू धर्म का एक प्रमुख तीर्थस्थल है। यहां पर बद्रीनाथ मंदिर है, जिसे विष्णु के बद्रीनाथ स्वरूप के लिए विशेषरूप से जाना जाता है। इसका इतिहास बहुत रोमांचक और धार्मिक है।
**1. पौराणिक उत्पत्ति:**
बद्रीनाथ मंदिर का इतिहास पौराणिक कथाओं से जुड़ा है। अनुसंधान के अनुसार, यह मंदिर महाभारत के काल में पांडवों द्वारा निर्मित हुआ था।
**2. महाभारत का अद्भुत स्थल:**
बद्रीनाथ मंदिर का स्थान महाभारत में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा देवताओं के साथ सम्मिलित होने के लिए जाना जाता है।
**3. अद्भुत आर्किटेक्चर:**
यह मंदिर एक अद्भुत आर्किटेक्चर का प्रतीक है और यहां के विशाल सिंधू द्वार, भगवान विष्णु की मूर्ति और तपोवन के रूप में अनेक पवित्र स्थल हैं।
**4. आदिगुरु शंकराचार्य का संबंध:**
आदिगुरु शंकराचार्य ने 8वीं सदी में बद्रीनाथ में वेदांत दर्शन की स्थली पर आश्रम स्थापित किया था, जिससे यह स्थल वेदांत सम्प्रदाय में भी महत्वपूर्ण हुआ।
**5. पौराणिक कथाएँ:**
कहावत है कि भगवान विष्णु ने यहां तपस्या की थी और उन्होंने आदिशेष के साथ बद्रीनाथ में निवास किया था।
**6. प्रतिवर्ष का यात्रा मेला:**
बद्रीनाथ मंदिर प्रतिवर्ष खुलने के बाद प्रतिवर्ष यहां विभिन्न पुराणिक कथाओं और धार्मिक आदान-प्रदान के साथ यात्रा मेला आयोजित होता है।
बद्रीनाथ मंदिर एक अद्वितीय स्थल है जो अपने धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के लिए जाना जाता है और हिन्दू धर्म के प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक है।
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